Ranjan Kumar

Ranjan Kumar

Founder and CEO of AR Group Of Institutions. Editor – in – Chief of Pallav Sahitya Prasar Kendra and Ender Portal. Motivational Speaker & Healing Counsellor ( Saved more than 120 lives, who lost their faith in life after a suicide attempt ). Author, Poet, Editor & freelance writer. Published Books : a ) Anugunj – Sanklit Pratinidhi Kavitayen b ) Ek Aasmaan Mera Bhi. Having depth knowledge of the Indian Constitution and Indian Democracy.For his passion, present research work continued on Re-birth & Regression therapy ( Punar-Janam ki jatil Sankalpanayen aur Manovigyan ). Passionate Astrologer – limited Work but famous for accurate predictions.

Love poem : वह चाँद आसमान का,महज एक टुकड़ा भर है तेरा हमदम – Ranjan Kumar

सुनो जानम, मैने तुम्हें मोहब्बत में  कभी चाँद का  टुकड़ा नहीं कहा.. क्योंकि  आसमान का वह चाँद  बेनूर है,बे नजाकत है  मगरूर है..! वह तो बेवजह ही  सिर्फ  दिलजलों के कारण  धरती पर मशहूर है..! तेरी आँखों की  सब मस्त…

Heart felt tribute : चौथी पुण्यतिथि सादर नमन चाचाजी ( स्वर्गीय श्री रामनरेश पाठक उसरी ) – Ranjan kumar

चौथी पुण्यतिथि ..सादर नमन ..चाचाजी (स्वर्गीय श्री रामनरेश पाठक उसरी) .. श्रद्धांजलि …मेरे जीवन के सिद्धांतों पर आपकी स्पष्ट छाप है,और आप धड़कते रहेंगे मेरी धड़कनों में सदैव ही एक प्रेरणा बनके…12 वर्ष की मेरी उम्र,और उस दिन देवकुंड महादेव…

Hindi poetry on present era of politics : तुम किधर हो इस लड़ाई में – Ranjan Kumar

राजनीति का विद्रूप चेहरा ,और आकंठ भ्रष्टाचार में डूबीव्यवस्था … कर रही है आह्वाहन , सुनो यह झूठा आर्तनाद , बेईमान गद्दारों द्वारा इमानदारी का , अगर बहरे नहीं हो ..! समवेद गायन भी सुनो एक दूसरे के घुर विरोधिओं का , ये…

Hindi Emotional Inspiring life poetry : घर लौट चल पंछी बसेरे में – Ranjan Kumar

flying bird

घर लौट चल पंछी बसेरे में हुयी अब शाम सूरज डूबता है , फिर निकलना है  तुझे कल सूरज से पहले और फिर से दाने ढूँढना है ! क्रम रोज का यह अनवरत चलता रहेगा , सोच ले यह भी की तू खुद…

Hindi sad poetry : अब तुम इधर के नहीं और मैं उधर का नहीं – Ranjan Kumar

old man alone walking

इस पार और उस पार के बीच  एक सेतू था तेरा जिस्म , जहाँ संवाद मुमकिन था ! कैसे करूँ कोई संवाद ? अब तुम इधर के नहीं और मैं उधर का नहीं !! – रंजन कुमार 

Hindi love poem : शब्दों मे कहाँ समाती है तेरी याद – Ranjan Kumar

miss you

  शब्दों मे कहाँ समाती है तेरी याद ? मैं एक झरोखे मे निहारता हूँ , तू दूसरी खिड़की में खिलखिलाती है ! इस शहर के हर कोने मे बिखरा है … तुम्हारा अक्स ,  वेदना से थरथराते लबों की …

लघुकथा : इधर से कोई गधा तो नही गुजरा – Ranjan Kumar

लघुकथा.. इधर से कोई गधा तो नही गुजरा इधर से कोई गधा तो नही गुजरा है अभी …?  वह तो सच मे अपने गधे को ढूंढ रहा था,पर लोग थे की नाहक ही बुरा मान गए,लात घूंसे बरस गये यूँ…

Hindi poetry : सिर्फ अंधेरों की ही पहचान यहाँ पुख्ता है – Ranjan Kumar

उजाला बाँटता सूरज  अँधेरे में भी  डूब सकता है यूँ ही , अचानक , हैरान मत होना ! ये दौर ऐसा है की सिर्फ अंधेरों की ही पहचान यहाँ पुख्ता है, और हर प्रकाश की मीनारें शक के दायरे में…

Hindi Poetry : रस्मी बातों में कुछ नहीं रखा – Ranjan Kumar

‘रस्मी बातों में कुछ नहीं रखा  तू इनमे ये वक़्त बरबाद न कर , जो कहना हो कह दो ..’ दो पल हैं पास तेरे बस  और दो ही पल हैं पास मेरे भी ! आवारा बादल का एक टुकड़ा…

Hindi poetry : अपना मुस्तकबिल -Ranjan Kumar

अपना मुस्तकबिल तो  रख दिया था  तुम्हारी देहरी पर ही  चलते चलते ! अब कहीं भी पहुंचू सुकून होगा ये, कि मेरे कर्मों ने ही दिया  जो भी दिया !!  – रंजन कुमार

Hindi poetry : तब समझ लेना ये संक्रमण काल है – Ranjan Kumar

जब निकम्मों का हुक्म  हुनर वालों को  मानने पर  विवश होना पड़े , जब मूर्खो का भाषण  बुद्धिमानो को सुनना लाचारी हो , और नालायक साबित हो चुके लोग लायकों को नसीहत देने लगें, तब समझ लेना ये संक्रमण काल…

सच को झूठ बनाने की एक बड़ी साजिश – Ranjan Kumar

अमेरिका और पाकिस्तान दोनों मिलकर अपने एफ 16 की इज्जत बचाने में लगे हैं अब क्योंकि इसी में दोनों की भलाई है दोनों की इज्जत महफूज है क्योंकि उनके लिए यह पचा पाना मुश्किल है की भारतीय वायु सेना के…

खुशफहमी गंगास्नान की : नाले में नहाके – Ranjan Kumar

beautiful sunset

  नदी अपनी राह खुद बनाती है जंगलों पहाड़ों और मैदानों के बीच से गुजरती हुई समुद्र तक…जबकि नहरें खोदी जाती हैं दूसरों के द्वारा …नदी की गहराई प्राकृतिक है नहरों की कृत्रिम,   कुछ बरसाती नाले भी उफनते हैं…

इस तरह से आप पाएंगे मन का असीम सुकून – Ranjan Kumar

plant in hand

कल के दिन की समाप्ति के साथ ही इस वर्ष के कैलेंडर का एक और पन्ना वक़्त की गर्त में दब गया..एक और महीना समाप्त..! क्या खास किया इसका कभी हिसाब करके देखिये, एक बड़ा सा शून्य..सामने होगा..! सोचा बहुत कुछ…

सांप से भी ज्यादा जहरीला है आज का इंसान – Ranjan Kumar

gas mask

सांप से भी ज्यादा जहरीला है आज का इंसान , सांप एक बार डस ले तो  जान पर बन आती है फिर या तो बचती है या जान निकल जाती है !  इंसानों की फितरत ये की आस्तीनों में पलते…

Hindi poem : एक कश्ती हूँ मैं – Ranjan Kumar

Ranjan Kumar Hindi Poetry

दरिया मे तैरती डूबती  उतराती सी  एक कश्ती हूँ मैं , लहरों के थपेड़ों से  डरकर नहीं पूछती  अंजाम कभी !! इसे मेरा हौसला  कहती है ये  बहती हुई नदी अक्सर , और किनारों को  लगता है लहरो के संग …

Hindi poem on life : झूठ का वहम भी अच्छा है – Ranjan Kumar

depressed person

झूठ का वहम भी  अच्छा है  जिन्दगी को सुकून से  जी लेने के लिए ! सत्य खोल देता है जब  चेहरे के ऊपर का चेहरा  और झाड़ पोंछ देता है  परत दर परत जमी  वक़्त की धूल , तब रूबरू…

Spiritual love poem : तुम्हारा अक्स – Ranjan Kumar

man standing alone in rain

तुम्हारा अक्स  अश्कों में झिलमिलाता है ,   फिर पूछता हूँ खुद से  अब तक मेरे होने का सबब ?   ये अँधेरे जो पसरे हैं  बिन सबेरों के, इनके सूरज का बेवजह डूब जाने का सबब ? – रंजन…

तुलसीदास रचित श्री हनुमान-बाहुक से संकलित हनुमान वंदना – Spiritual collection Ranjan Kumar

hanuman-ji-wallpaper

दूत रामराय को , सपूत पूत पौन को ,तू अंजनी को नंदन प्रताप भूरी भानू सो ! सिय- सोच- समन , दुरित-दोष-दमन , सरन आये अवन ,लखन प्रिय प्राण सो !! दसमुख दुसह दरिद्र दरिबे को भयो , प्रकट तिलोक ओक़…

कबीरा खड़ा बाजार में भूंकत स्वान हजार

    “कबीरा खड़ा बाजार में, भूंकत स्वान हजार…! ” इस कहावत को इस तरह से समझता हूँ मैं ..कबीर बाजार में खड़ा होंगे तब हजारों स्वान भूकेंगे ही…इन स्वानो के भूँकने से ही कबीर की आहट मिलेगी जमाने को अब ..!…

Hindi poetry: वो कौए कौए भी न रहे

कुछ कौए  हंस बनना चाहते थे , पर रंग कर अपने सफेद  .. वक़्त की बारिश में  धुल गए रँगे पंख , हंस तो बन न सके.. अब तो हालत ये कि  वो कौए कौए भी न रहे !! –…

Hindi poetry : रक्त चूषक – Ranjan Kumar

rakt chusak

रक्त चूषक अक्सर  लिजलिजे होते हैं , सर्व सुलभ  और सर्व ब्यापक भी ! यथा जोंक ,चमोकन , खटमल , मच्छर , और कुछ इंसान भी …! इनके आस पास होने का एहसास ही अजीब लिजलिजेपन से भर देता है…

Spiritual love poetry : फिर मिलेंगे सफर में कहीं अनंत के – Ranjan Kumar

lost boy

दुनिया के थपेडों से घायल हो ज़िस्म फिर भी, रूह की पाकीजगी को यूँ नूर से रौशन रखना ! रूह से जुड़े हों रूह के जो  वो रिश्ते नहीं मरा करते , फिर मिलेंगे .. सफर  में कहीं, अनंत के , चलते…

Inspiring Hindi poetry : तू बस टिमटिमाता रह – Ranjan Kumar

kerosene lamp

उधार का तेल  और उधार की ही  बाती है तेरे पास , तू बस टिमटिमाता रह !! मैं मशाल हूँ  जितनी भी देर जला  बस जलूँगा, और भरपूर रौशनी दूंगा ! मर मिटने से पहले  इस घने कोहरे को भी…

घने अंधियारों में खुद जलता तपता सूरज सा एक मुसाफिर, गरीब आदिवासिओं के मसीहा डॉ एस सी गर्ग – Ranjan Kumar

DR SC Garg

मानवता की सेवा में गरीबों के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित कर देनेवाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ एस सी गर्ग की प्रेरणात्मक कहानी  आज आपको बताता हूँ ! कुछ लोग जिंदगी में इतनी रौशनी बिखेर देते…

Hindi love poetry : उसने दिल से ही पुकारा होगा – Ranjan Kumar

love

उसने दिल से ही  पुकारा होगा … फिर दिल तक  उसकी आवाज  क्यों नहीं आयी…? या मैं इतना व्यस्त था  कि उसे सुन न सका … या फिर पुकार  इतनी धीमी थी कि  मुझतक आते आते .. तरंगे हीं मर…

जीवन की हर परेशानी को दूर कर सकता है बाबा नीब करौरी जी का बताया हनुमान जी का अमोघ मन्त्र – Ranjan Kumar

baba neeb karori

  बाबा नीब करौरी जी महाराज ने आज भी,जैसा की उन्होंने अपने भक्तों से कहा था तब कृपा की दरिया नहीं समन्दर कृपा की बहा रखा है इस धरती पर ! यह अलग बात है कि अधिकतर लोग इस कृपा…

अन्याय बिल्कुल न सहें जवाब दें, साभार माँ अनामिका आचार्या

girl and boy

सटीक और सार्थक आलेख.. शायद कई बन्द आँखें खोल देने के लिए ही यह लिखा है आपने.. अन्याय बिल्कुल न सहें जवाब दें.. साभार माँ अनामिका आचार्या जब आप किसी के लिए भी सहजता से उपलब्ध हो जाते हैं तो…

Hindi Poetry: चांदनी दुष्टा कुलच्छिनी ये बता – Ranjan Kumar

woman sitting alone

चांदनी दुष्टा , कुलच्छिनी,   ये बता …. देखती रहती है  सब अपराध तू ,   मौन होकर .. होंठ सिलकर , पर नहीं देती गवाही सत्य की ,   तो फिर बता कैसे है सुंदर तू , और तेरी…

असाध्य रोगों के लिए संजीवनी बूटी है हनुमान बाहुक का पाठ: मैं और गुरुदेव नीब करौरी बाबा – Ranjan Kumar

Hanuman Bahuk

बाबा नीब करौरी जिनको नीम करौली बाबा के नाम से भी बहुत लोग जानते हैं वह जिसके साथ हों वह परेशान हो यह हो ही नहीं सकता ! परेशानी जिन्दगी में हो सकती है यह अनिवार्य हिस्सा है जीवन का…

महामृत्युंजय मन्त्र अर्थ और सामान्य व्याख्या शिवपुराण – Ranjan Kumar

Shiva

महामृत्युंजय मन्त्र इस प्रकार है – “ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनं,उर्वारुकमिव बंधनान्मृयो  – मुर्क्षीयमामृतात !” आइये अब इसका सामान्य अर्थ और सामान्य व्याख्या इस मन्त्र की करते हैं जिससे इस मन्त्र को सरल शब्दों में समझा जा सके कि इसमें…

Hindi poetry on death : एक सन्नाटा है मौत, बस जोरदार सन्नाटा – Ranjan Kumar

मौत दर्द नहीं है कोई पीड़ा भी नहीं है , एक सन्नाटा है मौत बस जोरदार सन्नाटा .. जो धीरे से उतरता है  और पसर जाता है ! इस सन्नाटे को जो चीरती हैं चीखें , वह मृतक के लिए नहीं, जो…

Inspirational Poetry : अस्तित्व की लड़ाई है यह – Ranjan Kumar

lantern

अँधेरे से लड़ते छोटे दीप को कहा मैंने , मुश्किल है लड़ना  अँधेरे से , हार जायेगा तू !   “अस्तित्व की लड़ाई है यह ,” वह छूटते ही बोला ..! “और जितनी भी देर जलूँगा  प्रकाश दूंगा ..! ख़त्म…

बाबा नीब करोरी जी महाराज – एक अद्भुत अलौकिक व्यक्तित्व वाले विरले संत

baba-need-karori-ji-maharaj

बाबा नीब करौरी जी की अलौकिक वाणी और कहानिओं को इस ब्लॉग पर अपने पाठकों के बीच मै रख रहा हूँ जिससे आज की पीढ़ी भी बाबा के जीवन को समझकर भारत भूमि पर पैदा हुए ऐसे दिव्य आत्माओं की…

रिश्तेदारी टैक्स : जिसकी कोई मियाद नहीं, कोई वक़्त मुक़र्रर नहीं – Ranjan Kumar

rishtedari tax

  कई प्रकार के सरकारी टैक्स जमा करने की तो आदत सी हो ही गयी है हम सबको, लेकिन इसके साथ एक गैर सरकारी अर्थात प्राइवेट टैक्स भी है जो जीवन भर चुकाना पड़ता है वह है रिश्तेदारी टैक्स ..!   इसकी…

Hindi poetry : कहाँ है मेरे हिस्से का सूरज – Ranjan Kumar

sun set

मेरे हिस्से में भी तो था एक सूरज ! जो डूब गया असमय जिसे डुबो दिया शातिरों ने, मैं ढूंढ रहा हूँ उसे इस घने अँधेरे में .. हाथ में जलती चैली लिए , जिसे श्मशान की जलती चिता से उठाया है…

Hindi poetry : यादों की जलती लालटेने बुझा दें अब – Ranjan Kumar

lantern memories

चांद उफक में डूब चुका है, आ जाओ  यादों की जलती लालटेंने  बुझा दे हम ! रातरानी का शुक्रिया कर  सो जायें , यादों को सुबह तक , महमहाती रखेंगी ये … नींद को सिरहाने बुलाते हैं अब , यादों की…

हमारे हथियार केवल 26 जनवरी को राजपथ पर परेड में दिखाने के लिए नहीं – Ranjan Kumar

soldier

  अब पाकिस्तान को समझ आ गया होगा कि हमारे हथियार केवल 26 जनवरी को राजपथ पर परेड में दिखाने के लिए नहीं है,जब कुशलता पूर्वक प्रयोग करते हैं हम दुश्मन पर तो दुश्मन अवाक सिर्फ सन्नाटे में देखता रह…

Hindi poetry : गुनाहों की उनके फेहरिस्त – Ranjan Kumar

match burn out

एक तो गुनाहों की उनके  फेहरिस्त  पहले ही बहुत लम्बी है , हर रोज जान बूझकर  नए गुनाह वह  अब भी किये जाते हैं ! इल्म नहीं यह क्यों आखिर जिस दिन क़यामत बरपेगी कौन उन्हें बचाएगा ? घड़ा पापों…

न्यूज का ओवरडोज कर रहा है आपको मानसिक रूप से बीमार – Ranjan Kumar

news

टेलीविजन के पर्दे पर ज्यादा न्यूज आपको मानसिक रूप से बीमार कर रहा है और आपको इसका पता भी नहीं चला होगा कि कब आपने अपनी मौलिकता और सोचने की क्षमता को  कैसे यूँ ही खो दिया ! टेलीविजन के…

Spiritual Hindi poetry अद्भुत रहस्य है वह परमात्मा – Ranjan Kumar

star trails

अद्भुत रहस्य है वह , परमात्मा … उसे खोजने में  जो लगा जी जान से  वह खुद उसी में  खो गया ! किसी को नहीं मिलता वह आसानी से , जो उसे पाने चला वह गया और हमेशा के लिए…

पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर सीमापार जाकर वायुसेना के फाइटर जेट ने की बड़ी कार्यवाई : Ranjan Kumar

    लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पार जाकर भारतीय वायु सेना के फाइटर ने आज सुबह  साढे तीन बजे बड़ी कार्यवाई की और आतंक के कई ठिकानों को तबाह किया ! आ रही खबरों के मुताबिक जैश ए मोहम्मद के…

Spiritual Hindi poetry: मेरे मौला – Ranjan Kumar

flowers

तेरे सिवा  कुछ और तो  नहीं मुझको  चाहिए इस बार ,   मेरे मौला ! तू मेरी राह भी  और तू ही  मेरी मंजिल है !   हाथ खाली न रहे  फिर मेरा  मुझपर यह  रहम करना !   सिर्फ…

Spiritual Hindi poetry : दीवानगी प्यार की तेरे – Ranjan Kumar

book art

दीवानगी प्यार की तेरे  कुछ इस कदर, चढ़ जाये मुझ पर, जर्रे जर्रे में तुझे महसूस करूँ  और तेरी रहमतों में खो जाऊं !   दीदार खुली आँखों से  हो हर दम तेरा, तेरी उम्मीद में जागूं  सुबह होने तक  तेरे…

Hindi poem : मेरी आँखों में मत झांक – Ranjan Kumar

Ranjan Kumar

मेरी आँखों में मत झांक , हिलोरें मारता यहाँ सच का समंदर है ! तैरने का इल्म समंदर में सबको नहीं होता ! जिद की तो , ए नादान बेवजह डूब जाएगा ! जो थाह लेने आये हो गहराई की…

Love poem : उसके प्यार का वह फ़साना मैं आजतक कहाँ भूला – Ranjan Kumar

me and she

अब उसे कुछ भी तो  जब याद नहीं  वो बिसरी बातें , सोचता हूँ  क्या और क्योंकर  याद भी दिलाऊं मैं !  चाँद के पहरे में  पहरों सितारों से  करना मेरी बातें , लिखकर मेरा नाम  अपनी हथेली पर  मुझको…

स्वाभिमान और अभिमान के बीच अंतर – Ranjan Kumar

self respect & ego

स्वाभिमान और अभिमान के बीच बड़ी बारीक रेखा है एक …जागरूक रहे तो ठीक वरना कब स्वाभिमान अभिमान बन लील लेगा पूरा व्यक्तित्व यह समझते समझते बहुत देर हो जाता है…   स्वाभिमान व्यक्तित्व के निर्माण की पहली जरूरत है…

राम दूत मैं मातु जानकी। सत्य शपथ करुणानिधान की – सुंदर कांड तुलसीदास रचित रामचरित मानस से

तुलसीदास रचित श्री रामचरित मानस सुंदर  काण्ड से संकलित हनुमान सीता संवाद ..बड़ा ही मार्मिक चित्रण है जब हनुमान जी माँ सीता से लंका में पहली पहली बार अशोक वाटिका में मिलते हैं जब माँ सीता का मन उद्विग्न है…