Ranjan Kumar

Ranjan Kumar

Founder and CEO of AR Group Of Institutions. Editor – in – Chief of Pallav Sahitya Prasar Kendra and Ender Portal. Motivational Speaker & Healing Counsellor ( Saved more than 120 lives, who lost their faith in life after a suicide attempt ). Author, Poet, Editor & freelance writer. Published Books : a ) Anugunj – Sanklit Pratinidhi Kavitayen b ) Ek Aasmaan Mera Bhi. Having depth knowledge of the Indian Constitution and Indian Democracy.For his passion, present research work continued on Re-birth & Regression therapy ( Punar-Janam ki jatil Sankalpanayen aur Manovigyan ). Passionate Astrologer – limited Work but famous for accurate predictions.

किस दड़बे में जा छिपे हैं वो लोग जो अमेरिका को लिखकर भेजते थे मोदी को वीजा मत दो ?

वो लोग कहाँ किस दड़बे में जा छिपे हैं जो अमेरिका को लिखकर भेजते थे मोदी को वीजा मत दो ? मोदी से प्रेम करो या नफरत,यह एक अलग विषय है पर ऐसा कहकर तब जो लोग देश का सिर…

“चिट्ठी ना कोई सन्देश, जाने वो कौन सा देश…” गजल के पीछे की मार्मिक दास्तान : अबरार मुल्तानी

किसी अपने को असमय खो देने का महान रुदन गीत- “चिट्ठी ना कोई सन्देश, जाने वो कौन सा देश…” महान ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह और चित्रा के इकलौते बेटे विवेक सिंह की 1990 में एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो…

Ranjan Kumar के काव्य संकलन अनुगूँज पर वरिष्ट कवि और लेखक श्री सत्य किशोर निगम जी की प्रतिक्रिया !

कविश्रेष्ठ, कर्मयोगी, अप्रतिम नैतिकता के धनी, प्रांजल निश्छल भावों के भंडार, मित्रवर श्री रंजन कुमार जी की प्रतिनिधि कविताओं के संग्रह “अनुगूँज” को पढ़ना प्रारम्भ करने से पहले यह आश्वस्त होना आवश्यक है कि कई घंटों तक आपके पास कोई…

ये झंकृत मन और यह झंकृत तन – Ranjan Kumar

ये झंकृत मन और यह झंकृत तन, तूने ही तो माँ मुझमें अनुनाद भरें हैं… दुर्गम है पथ पर तूने ही थाम रखा है, उस कृपा के दमपर ही तो अबतक हम भी डटे रहे हैं .. सारी प्रकृति में…

वसंत पंचमी के शुभ दिन विद्या और वाणी सिद्धि

Beej Mantra – ॐ ऐं सरस्वतयै नमः सरस्वती बीज मंत्र है – ‘ ऐं ‘ इसमे ‘ ॐ ‘ पहले और ‘ सरस्वतयै नमः ‘ बाद में लगाकर आप वाणी और विद्या सिद्धि आसानी से कर सकते हैं! 30 जनवरी…

श्री मुकेश सिंह रक्सेल द्वारा निजी आवास पर कम्बल वितरण – नर सेवा नारायण सेवा!

गणतंत्र दिवस के पावन पर्व के अवसर पर श्री मुकेश सिंह रक्सेल जी ने अपने निजी निवास मुंशी नगर, बरेली में कम्बल वितरण समारोह का आयोजन किया गया! इस अवसर पर श्री मुकेश सिंह रक्सेल जी की धर्मपत्नी श्रीमती रेणु…

एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कोआर्डिनेशन कमेटी बरेली द्वारा गणतंत्र दिवस सेलिब्रेशन एवं पत्रिका विमोचन

एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कोआर्डिनेशन कमेटी द्वारा गणतंत्र दिवस सत्यम बारात घर बदायूं रोड करगैना बरेली में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मिस मीनू खरे(डायरेक्टर आकाशवाणी बरेली ) द्वारा ध्वजारोहण किया गया। गौरव सेनानी पत्रिका souvenir के तृतीय अंक…

Hindi Poetry : मेरे जाने से गमगीन न होना – Ranjan Kumar

मेरे जाने से गमगीन न होना, दिल भी छोटा मत करना, रब से कोई सवाल भी मत करना..! फिर आऊँगा मैं एक उम्र नयी लेकर, कुछ अधूरे नग्में गुनगुनाने, उन सबकी मोहब्बतों का हिसाब चुकाने, जिनकी मोहब्बतों ने कर्जदार बनाया…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत जी का संबोधन बरेली शहर में!

बरेली पहुंचे आरएसएस प्रमुख श्री मोहन भागवत रविवार 19 जनवरी  को रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने विभिन्न जिलों से आये लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि हम नए भारत की कल्पना कर…

Baba Neeb karori Ji Maharaj Bhajan – Track 01 – तुमको तो मेरी नैया अब पार लगाना होगा !

baba neeb karori image

Download Baba’s Photo Download Photo Bhajan Lyrics तुमको तो मेरी नैया अब पार लगाना होगा, जब अपना बनाया है.. रिश्ता तो निभाना होगा! तुमको तो मेरी नैया अब पार लगाना होगा.!! गुरुवर तेरी राहों में चल सकूँ मैं यह बल…

CAA ( नागरिकता संशोधन कानून ) के समर्थन में आज बरेली में उमड़ा जनसैलाब!

CAA

आज बरेली में CAA के समर्थन में जनजागरूकता अभियान के तहत मेथोडिस्ट इंटर कॉलेज सिविल लाइंस में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया! इस रैली में भाजपा से जुड़े सारे संगठनों के सभी बड़े नेताओं ने सहभागिता निभायी और…

पसाकोलोजि भौजी और उनका बचवा – पीदना

psakoloji ka peedna

पसाकोलोजि भौजी से पूछिस, उनकर बचवा, मम्मी “मुँहतोड़” जवाब का मतलब? पसाकोलोजि भौजी बोलीं.. “मतबल इसका यह होता है कि पहले जवाब देकर के और फिर मुक्का मार के मुँह भी तोड़ दिया जाय” अब” पीदना” हमसे पूछने लगा,”का हो…

महाराष्ट्र की राजनीति और बीजेपी की भूमिका : नैतिक या अनैतिक

हरियाणा में सरकार बनाने के लिए दुष्यंत के सजायाफ्ता पिता को फरलो देना पड़ता है, महाराष्ट्र में अजित पवार को क्लीन चिट देनी पड़ती है, गजब का जीरो टॉलरेंस हैं भ्रष्टाचार पर आपका हुजूर .. नजर नहीं आ रहा अगर…

हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव परिणाम के मायने

जनता की हुंकार पर अब जाग जाओ सरकार वरना यही होगा बार बार सरकार बनाने के लिए सिर्फ मामूली बहुमत महाराष्ट्र में और हरियाणा से खट्टर सरकार की विदाई कर हंग असेम्बली..फ्रैक्चर्ड मैंडेट..सुधर जाइए और जनता के जरूरी मुद्दे पर…

गुरु को पूजे लेकिन गुरुघंटालों से सावधान

  गुरु के चरणों में शीश नवायें और गुरुघंटालों को ढंग से जुतियायें.. गुरु पार ब्रह्म परमेश्वर होता है लेकिन गुरुघंटाल परले दर्जे का हरामी.. इनमे फर्क करना सीखें!   गुरु की हर बात धर्म और धार्मिक आचरण से शुरू…

भीष्म की दृष्टि पा लेना फिर पहचान नहीं मुश्किल है कौन शिखंडी

बाधाओ से लड़ना ही इतिहास है मेरा सूरज से गलबहियां करते बड़ा हुआ हूँ, दीपक की थर्राती लौ तुम मुझे न समझो जल जाओगे तपिश है इतनी मेरे अन्दर ! तपिश सूर्य की और चन्द्रमा की शीतलता दोनों ही हैं…

तुम मरे नहीं धृतराष्ट्र जिंदा हो अब तक

तुम मरे नहीं धृतराष्ट्रजिंदा हो अब तक ! आकार मे नहींतो संस्कारों मे ,घुसे हुये हो जाने कितने ही पिताओं के विचारों मे ! जब तक एक भी ब्लात्कार की घटनाये होंगी ब्लात्कारी के पिता के संस्कारों मे ! तुम…

अब्राहम लिंकन का पत्र अपने बेटे के शिक्षक के नाम: अनुवाद स्वर्गीय श्री राजीव चतुर्वेदी

  शिक्षक दिवस विशेष.. अब्राहम लिंकन का पत्र अपने बेटे के शिक्षक के नाम अनुवाद स्वर्गीय  श्री राजीव चतुर्वेदी जी   मैं जानता हूँ और मानता हूँ कि हर व्यक्ति न तो सही ही होता है  और नहीं होता है…

जब उसने कह ही दिया मुझको कोई दीवाना

जब उसने कह ही दिया मुझको कोई दीवाना ,सर पर ये इल्जाम ले जाऊँ तो किधर जाऊँ !  वफा की रस्मों पर अब ऐतबार और नहीं ,अब तो आरजू भी यही है यहीं बिखर जाऊँ ! गवाह रहना सितारों तुम उन…

Krishna Vandana: आ इन डूबती नब्जों का सहारा बन जा

आ इन डूबती नब्जों का सहारा बन जा दम तोडती उम्मीदों का किनारा बन जा ! एक अंधेरी रात है ,उम्मीद नहीं अब कोई, पथ दिखलाने को तू एक सितारा बन जा ! अब तो वफाओं पे भी ऐतबार नहीं…

नहीं रहे चारा घोटाले के जनक जगन्नाथ मिश्र : ॐ शांति – Ranjan Kumar

कॉलेज टाइम तक जगन्नाथ मिश्रा को बड़े इज्जत की नजर से देखता था मैं,बिहार गौरव के रूप में,तीन बार मुख्यमंत्री रहे बिहार के और जब तीसरी क्लास में थे तब आज भी याद आता है,हमारे प्रधानाचार्य महोदय स्कूल प्रेयर टाइम…

ईश्वर पथ में साधक को कुछ भी माँगना नहीं चाहिए – Ranjan Kumar

ईश्वर पथ में यदि आप प्रवृत्त होते हैं, मनोकामनाओं की पूर्ति अयाचित होने लगती है । अतः साधक को कुछ भी माँगना नहीं चाहिए । आप अपनी क्रिया करते भर जायँ । भगवान जानते हैं कि आपका हित किसमें है वह…

पसाकोलोजि भौजी का डिनर एक बड़े होटल में

एक नम्बर का कंजूस और मक्खीचूस है ई हमरा बुड्ढा भतार,कबो न होटल ले जाता है खाना खिलाने न ही घर मे टिफिन मंगवाता है कभी ई फ़रोफ्रेसर.. हमारी तो जिंदगी ही नरक बन गयी है इसके फेर में..! #पसाकोलोजि_भौजी की यह…

Life after Death: जीवन मृत्यु और मुक्ति के बीच भटकती आत्माएँ

Mysterious world of ghosts

  आत्माओं की अद्भुत दुनिया और भूतो प्रेतों का अस्तित्व, इस सीरीज में आपका फिर से स्वागत है! भूत प्रेत होते हैं या नहीं होते? इस तथ्य कि विवेचना से पहले, इन सब से पहले हमें यह जानना होगा कि…

Emotional love poem : यादों को सिरहाने रख देता हूँ – Ranjan Kumar

यादों को सिरहाने रख देता हूँ , ले जाना जब फुरसत पाओ ! क्या पता मै खोया हूँ ख्वाबों में, मुझसे मिलने जब तुम आओ !!  मुझको सोते से नहीं जगाना , मै वक़्त की लोरी सुन सोया हूँ !…

Hindi Gajal : सवाल तेरे ही जब तुझसे जवाब मांगेंगे – Ranjan Kumar

सवाल तेरे ही जब तुझसे जवाब मांगेंगे , मै चुप रहा तो सब तुझसे हिसाब मांगेगे ! मेरी ख़ुद्दारी ही मुझको रोक देती है वरना, लोग तुझसे तेरे कर्मों की किताब मांगेंगे !   बहुत हुआ तमाम करते हैं किस्सा…

क्या ऐसे सम्बन्ध बलात्कार की श्रेणी में आने चाहिए – Ranjan Kumar

  शादी का झाँसा देकर हमारे साथ इतने दिन..इतने महीने ..इतने साल ..से हमारा रेप किया और अब शादी से मुकर गया ..महिलाओं द्वारा पुरुषों पर लगाया जाने वाला यह एक आम मगर संगीन आरोप है जिसपर आज भी हर…

Hindi poetry on father’s day : तुम्हारा अवशेष मुझमे जी रहा है शिद्दत से – Ranjan Kumar

magic girl

ओ पिता तर्पण तुम्हें.. चिर विश्राम करो तुम,, परमात्मा की गोद में, तुम शेष नहीं दुनिया में, मगर तुम्हारा अवशेष मुझमे जी रहा है … शिद्दत से ! खुद को देखता हूँ आईने में, और सोचता हूँ..   मैं ऐसा…

कर्ण अर्जुन और फादर्स डे की सुबह – Ranjan Kumar

फादर्स डे की सुबह सुबहअर्जुन ने पूछा कर्ण से,किसे बधाइयाँ देगा आज तू ओ अंगराज..? कौन है तेरा पिता ?  मालूम है क्या ? एक पल कर्ण सकपकाया, फिर हौले से मुस्कराया.. मैं सूर्य से पूछ लूँगा .. मेरे पिता का…

Emotional love poetry : वह सिर्फ सफ़र नहीं था हमसफ़र – Ranjan Kumar

girl boy sitting

वह सिर्फ  सफ़र नहीं था,  हमसफ़र .. युगों की थी  दास्ताँ अपनी ..! जिनके बीच की  राहें और चौराहे ,अब दस्तावेज हैं  आनेवाले  कल के लिए ..! तुम थे , मैं था , फिर हम थे .. और अब,  न तुम…

Hindi poetry on life : प्यार और स्नेह धारा है एक विद्युत् तरंग जैसा – Ranjan Kumar

girl meditating

प्यार और स्नेह धारा है एक विद्युत् तरंग जैसा .. निरंतर प्रवाहित है जो  समान तरंगदैर्ध्य से , सदृश तरंग दैर्ध्य के बीच , और अलौकिकता की भावना से ओतप्रोत अगर ये आलोकित है, और निस्वार्थ तरंगों में प्रवाहमान है अगर.. तो…

Heart felt tribute to a friend : एक जंगल है तेरी यादों का उससे गुजरूँ तो राह भूल जाता हूँ – Ranjan Kumar

two friends together

अरुण की पुण्यतिथि 22 मई पर विशेष – नमन और श्रद्धांजलि ..! ग्यारहवी के दो छात्र,दोनों की अटूट दोस्ती ..ए दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे वाली स्टाइल में ,१५ और १६ वर्ष की अल्हड उम्र और मारुति ८०० गाड़ी…! एक जो…

Spiritual emotional poetry: मार्ग पर बुद्धत्व के प्रियतम गए तुम

मार्ग पर बुद्धत्व के  प्रियतम गए तुम ,मुझको कहो मेरा मार्ग क्या  और अभीष्ट क्या ? मार्ग में आड़े क्यों आया पिता का फर्ज  और दायित्व भी पति का ? छोड़कर मझधार में  हमको अकेले बुद्धत्व क्या तुम पा सकोगे ? बूढ़े…

Emotional poetry : इस मुश्किल में कहते हो तुम्हें अकेला छोड़ दूँ – Ranjan Kumar

इस मुश्किल में कहते हो तुम्हें अकेला छोड़ दूँ , लड़ लोगे ..?ये लड़ाई  सिर्फ तुम्हारी है ? जो गुजरे हैं वक़्त संग संग .. और जो गुजारे हैं मिलकर साथ वक़्त हमने , ये उनकी मांग है साथ दूँ तेरा इस दौर में  तू चाहे…

बलात्कार की कानूनी सजा नाकाफी है – Ranjan Kumar

अपने सगे चाचा ने तीन साल की भतीजी के साथ किया दुष्कर्म ..यह हमारे बरेली की घटना है जो अभी अखबारों की सुर्खिओं में है यहाँ !   इतने कानूनों के वावजूद भी छोटी छोटी बच्चियों से बलात्कार नही रुक…

मैं ऐसा ही हूँ और ऐसा ही रहूँगा

सत्य और न्याय के सामने बात अगर आ जाये दो मे से एक चुनने को कोई व्यक्ति और उससे जुड़ा सबंध या फिर सत्य न्याय पथ.. तो उस किसी व्यक्ति  की फिर कोई मर्यादा नही मेरे लिए जो झूठा था!…

Hindi Love Poem : खुश्बू तेरी आयी है या कोई गुलिस्ताँ है यहाँ – Ranjan Kumar

balloons in the air

    खुश्बू तेरी आयी है या कोई गुलिस्ताँ है यहाँ ? नज़ारे बहके बहके हैं हवाएं महकी महकी हैं ! नया कुछ होनेवाला है मेरा दिल ये कहता है , परिंदे चहके चहके हैं घटायें बहकी बहकी हैं !…

Inspiring poetry : अप्राप्य सा कुछ भी नहीं है इस दुनिया में – Ranjan Kumar

girl alone in forest

अगर इंतजार हो शिद्दत से  तो कृष्ण .. आज भी होते हैं रुबरू ,हृदय मे वेदना हो मीरा सी  पुकार मे प्रेम का आधार तो हो ! अप्राप्य सा .. कुछ भी नहीं है इस दुनिया में , जो मिल…