तुम मरे नहीं धृतराष्ट्र जिंदा हो अब तक

Dhritrashtra


तुम मरे नहीं धृतराष्ट्र
जिंदा हो अब तक !


आकार मे नहीं
तो संस्कारों मे ,
घुसे हुये हो जाने
कितने ही
पिताओं के विचारों मे !


जब तक एक भी
ब्लात्कार की घटनाये होंगी
ब्लात्कारी के पिता के संस्कारों मे !


तुम जिंदा रहोगे धृतराष्ट्र
आज के दुर्योधनो के कृत्यों पर भी
वैसे ही पट्टी बांधे ,


निश्चिंत, निर्भीक..
अभी कोई कृष्ण नहीं बाधक
तुम्हारे दुर्योधनो की वासनाओं का
दमन कर सकनेवाला !


तुम मरे नहीं धृतराष्ट्र
जिंदा हो अब तक !


एक चुनौती बनकर ,
आकार मे नहीं
तो संस्कारों मे !!


रंजन कुमार 

Ranjan Kumar
Ranjan Kumar

Founder and CEO of AR Group Of Institutions. Editor – in – Chief of Pallav Sahitya Prasar Kendra and AR Web News Portal.

Motivational Speaker & Healing Counsellor ( Saved more than 120 lives, who lost their faith in life after a suicide attempt ).

Author, Poet, Editor & freelance writer. Published Books :

a ) Anugunj – Sanklit Pratinidhi Kavitayen

b ) Ek Aasmaan Mera Bhi

Having depth knowledge of the Indian Constitution and Indian Democracy.

For his passion, present research work continued on Re-birth & Regression therapy ( Punar-Janam ki jatil Sankalpanayen aur Manovigyan ).

Passionate Astrologer – limited Work but famous for accurate predictions.

Articles: 300