विदा मेरे नन्हें मित्र, उन्मुक्त आसमान में तेरी उड़ान के लिए

bird nest

मेरे घर के बाहर की क्यारी में एक अमरुद का बड़ा पेड़ है जिसकी इस शाखा पर एक गोरइए का …

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साथी तुम बांध सकोगे किसी बन्धन में मुझको

साथी!तुम बांध सकोगे ?किसी बन्धन में मुझको? मैं दूर गगन का मस्तमौला पंछी…परमहंसों की जमात सेबिछड़ा एक हंस… आवारगी में …

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एक सच्ची बात बताऊं तुम्हें पाखंडी सिर्फ और सिर्फ एक पाखंडी होता है – Ranjan Kumar

एक सच्ची बात बताऊं तुम्हें, पाखंडी सिर्फ और सिर्फ एक पाखंडी होता है…! न इससे एक अक्षर कम न ही …

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मैं केवल शरीर नहीं हूँ नाद हूँ आत्मा का और हस्ताक्षर हूँ काल का-Ranjan Kumar

मैं केवल शरीर नहीं हूँ, मैं बुलंद स्वर हूँ, परमात्मा का, नाद हूँ आत्मा का, और हस्ताक्षर हूँ काल का.. …

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