Inspiring poetry : अप्राप्य सा कुछ भी नहीं है इस दुनिया में – Ranjan Kumar

girl alone in forest

अगर इंतजार हो शिद्दत से 
तो कृष्ण ..
आज भी होते हैं रुबरू ,
हृदय मे वेदना हो मीरा सी 

पुकार मे प्रेम का आधार तो हो !

अप्राप्य सा ..

कुछ भी नहीं है इस दुनिया में ,
जो मिल न सके..
बात सिर्फ इतनी सी ही है, 

खुद की कामना से प्यार तो हो !!

– रंजन कुमार

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