गुरु को पूजे लेकिन गुरुघंटालों से सावधान

gurughantal
 
गुरु के चरणों में शीश नवायें और गुरुघंटालों को ढंग से जुतियायें.. गुरु पार ब्रह्म परमेश्वर होता है लेकिन गुरुघंटाल परले दर्जे का हरामी.. इनमे फर्क करना सीखें!
 
गुरु की हर बात धर्म और धार्मिक आचरण से शुरू होकर धर्म और उसके मार्ग की ब्याख्या पर समाप्त हो जायेगी धन की चर्चा गुरु नहीं करेगा..
 
लेकिन गुरुघंटाल की हर बात धर्म से शुरू तो होगी पर घूम फिरकर धन और धन के दान और उसके फायदे गिनवा आपको मूर्ख बनाने के ऊपर आकर समाप्त हो जाएगी..
 
गुरु को पूजे अवश्य पर गुरुघंटालों से सावधान.. गुरु बिरले ही मिला करते हैं और गुरुघंटालों की पौध तो कुकुरमुत्तों को भी मात दे रही है..!
 
राम कथा, श्री कृष्ण कथा कहता हुआ जो मिल जाये.. पहले उसे ही परखिये.. वह रावण या कंस का कलियुगी संस्करण तो नहीं .? 
 
माता और बहने विशेष सावधानी बरतें.! धृतराष्ट्र की नाजायज संतानों का आजकल यही व्यवसाय  हो गया है !
 
– रंजन कुमार 
Share
Pin
Tweet
Share
Share