हौसलों को भी नींद आती है अब

night sky

उसने कहा था ये 
सजग रह 
हर सन्नाटे को 
जख्मी करना !


जो सन्नाटा पसरा है 
उसके चले जाने भर से
इसे जख्मी करने में
हौसलों को भी
नींद आती है अब !

सोचता हूँ लम्हा लम्हा
सफ़र में सो गया
हौसला ही जो मेरा
तो अब कौन
थपकियाँ दे जगायेगा…!!


– रंजन कुमार 

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