ब्लडी डॉग कहीं का – Part 01

पसाकोलोजि भौजी ने सुबह सुबह ही जब फोन किया हमको तब हमारा दिल और दिमाग दोनों ही शंका से भर गया .. वह तभी इतनी सबेरे फोन करती हैं हमको ,जब उ फरोफ्रेसर से लड़ लेती हैं और कोई तिरिया…

पसाकोलोजि भौजी ने सुबह सुबह ही जब फोन किया हमको तब हमारा दिल और दिमाग दोनों ही शंका से भर गया .. वह तभी इतनी सबेरे फोन करती हैं हमको ,जब उ फरोफ्रेसर से लड़ लेती हैं और कोई तिरिया…

सभी मित्रों के लिए नए कैलेंडर वर्ष की हार्दिक मंगलमय शुभकामनायें .. स्वर्गीय श्री राजीव चतुर्वेदी सर की कलम से निकली यह रचना पढ़ें जो उन्होंने मुझे भेजी थी शुभकामना नववर्ष 2014 के लिए .. सादर नमन सर! मानवाधिकारों पर…

जब भी भारत पाकिस्तान के बीच प्रेम की पींगे बढ़ता देखता हूँ तो मन में एक टीस उठती है जरुर .. उनका क्या कसूर था जो भारत मां की जय बोलते शहीद हो गए फिर .. उनकी विधवाओ और बच्चों का…

Just Around the Globe आज की सुर्खियाँ यह रहीं … 1. बंगलादेश चुनाव : शेख हसीना चौथी बार पीएम बनीं ..चुनावों में हिंसा में १७ की मौत | 2. दुनियाभर में नये साल के स्वागत के जश्न में आज डूबे…

पराजित मिश्र ने ठान लिया दामाद बाबू की जेब से कुछ रुपया जरुर निकालेंगे अब ..ऐसा ससुर कहीं देखा न होगा किसी दामाद ने आजतक जैसा पसाकोलोजिया के पप्पा हैं ..! पराजित मिश्र आंगन में पहुंचे तो घड़ी में अब…

Just Around the Globe आज की सुर्खियाँ यह रहीं … 1. ISIS चीफ बगदादी अब भी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा .. सीरिया में फिर उठ खड़ा हुआ ISIS. 2. मेघालय खदान से एक मजदूर 18 दिन…

पाकिस्तान के रेल मंत्री को डर सता रहा है मोदी 2019 जीतने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करवा सकते हैं फिर से ..! आमीन! आपके मुंह मे घी शक्कर .. आपकी आशंका सच साबित हो तो मजा आ जाय.. हिंदुस्तान की…

Just Around the Globe 1. अम्बाला में सडक हादसे में 7 लोगों की दर्दनाक मौत ..दो खडी कारों को अज्ञात ट्रक ने मारी टक्कर .. धुंध के कारण हुआ हादसा 2. गाजीपुर में प्रदर्शन कर रही भीड़ के पथराव से…

JUST AROUND THE GLOBE आज के मुख्य समाचार ये हैं .. 1. कैबिनेट ने आज गगनयान प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, 7 दिन तक अन्तरिक्ष में रहेंगे 3 भारतीय .. 2022 तक पूरा होगा यह प्रोजेक्ट 2. पौक्सो एक्ट में संशोधन…

उसने कहा था ये सजग रह हर सन्नाटे को जख्मी करना ! जो सन्नाटा पसरा है उसके चले जाने भर से इसे जख्मी करने में हौसलों को भी नींद आती है अब ! सोचता हूँ लम्हा लम्हा सफ़र में सो गया हौसला ही…

दामाद बबुआ के जेब में जो देखे थे शाम को सरसराते फडफडाते हुए करारे करारे नोट पराजित मिश्र ने वह उनका चैन और सुकून ले उड़ा था ! दो तीन दिनों से सौ रूपये के नोट का दीदार हुआ नहीं…

JUST AROUND THE GLOBE आज के मुख्य समाचार ये हैं .. 1. तीन तलाक के विधेयक पर आज लोकसभा ने बहस के बाद इसे कोंग्रेस के वाकआउट के वावजूद पास किया, राज्य सभा विपक्ष के हंगामे के बीच कल…

वैसे तो वो पोस्ट ऑफिस का एक मामूली सा किरानी ही था लेकिन बड़ा बाबू कहलवाना ज्यादा पसंद करता था वह .. वैसे वह खुद भी कहा करता है कि जब सौ हरामी मरते हैं तब कहीं जाकर कोई एक…

मेरे प्रकाशित काव्य संकलन अनुगूँज संकलित प्रतिनिधि कविताएँ से संकलित ” उधेड़बुन जारी है ” – चश्मे के अंदर से घूरती उसकी दो दो आँखे, अपलक लगातार ..! मैं असहज होता हूँ अंदर मन मे, नाराज होता हूँ पर वह …

जिन्दगी में बच सको तो सिर्फ बचो,अफ़सोस करने से ..छीन लेता है चैन और सुकूनअफ़सोस ही अक्सर ! आधी जिन्दगी गुजरती है अफ़सोस करने में , और आधी गुजरी उन कर्मों में जिसपे अफ़सोस है अब ! मुकम्मल जिन्दगी हो जाये अगर…

जीवन की रक्षा हेतू पल पल का प्रयास और मृत्यु भी पल पल अपने आगोश में लेने को आतुर, भिन्न भिन्न रूप बनाकर .. कब कहाँ कैसे ख़त्म हो जाये ये सफ़र मालूम नहीं .. फिर सब धरा रह जाता…

वह फिर चला गया फेंक कर सारा दिन उजाला अपना , मेरे खुद के अंधेरों ने उसे फिर से नजरअंदाज किया ! कुछ तो कह रहा था वह मुझे डूबते वक़्त भी धीमे धीमे , मेरे गुमान के शोर में…

तमाम उम्र बड़े सख्त इन्तेहाँ से गुजरता रहा वो चराग , जो आँधियों से जख्मी था , फिर बरसात से गुजरता रहा ! – Vvk —————– Copyright —————–

उनसे कहो सिर्फ दर्द – दर्द न करें , बल्कि अपना रोना सब मिलकर रो लें ! एक उम्र है मेरे साथ तजर्बे की , मैंने जख्म को हीं मरहम होते देखा है !! – Vvk

आँधियाँ बुझा गयीं , चराग जो .. अफसोस उनपे भी करके अब हासिल क्या ? कि चलो अब साहिल के , खौफ से .. डूबती किश्तियों को बचाते हैं !! – Vvk

अस्तित्व नहीं कुछ भी , बहारों का, नजारों का , इन फूलों पत्थरों और पहाड़ों का ! अगर तुम नहीं शामिल, इन बहारों में , नजारों में, और इस जिन्दगी के, किनारों में !! – रंजन कुमार

क्या रास्ता है, रहगुजर क्या , पूछ लूँ रब से जरा ! कौन गुजरा, कब यहाँ से, ले लूँ पता उसका ज़रा !! जरा जान लूँ पहचान लूँ, हैं दुश्वारियां क्या राह में ! कौन निकला पार इसके, और कौन…

कभी न घबराना तुम गम के जंगल में , आएगा दिन गर रात है आई , विश्वास तू करना खुद पर रब से भी ज्यादा , फिर होगी सुबह गर शाम है आई ! सपने देखो ऐसे जो तुम्हे आबाद…

मेरे हालात सुलझाने में मुसीबत में घिर मत जाना ! मुझको बहलाने में तुम खुद ही बिखर मत जाना !! गर्दिशों के दिन हैं मेरे तकाजा है वक़्त का सुन लो , गुस्ताखिओं पे गैरों सा तुम भी बिफर मत…

सख्त खामोशिओं के पहरे में देखो आसमाँ गुनगुनाता है , ये कौन झांकता है चाँद के पीछे , कौन मुझको बुलाता है ! मुद्दतों से जिसे पुकारा , जिसकी आरजू में खाक छानी है , वो मिलने आ रहा मुझसे…

महान धनुर्धर अर्जुन जब कुरुक्षेत्र के मैदान में, गांडीव हाथ में लिए .. अपनी श्रेष्ठता पर कभी इठलाता रहा होगा, उसकी नजरों के सामने एकलव्य का कटा अँगूठा, उसकी सफलताओं को अंगूठा दिखाते हुए .. उसकी खुशिओं पर मुस्कुराता…

वो हमीं से पूछते हैं , मोहब्बत कितनी करता हूँ उनसे ? पूछ लो अपने ही दिल से , ए – नादान सनम .. जितनी मोहब्बत की मेरी गवाही दे दे दिल तेरा .. बस उतनी ही .. मोहब्बत है…

कई एनजीओ के साथ मिलकर रेडलाइट एरिया मे देह व्यापार में संलग्न वेश्या का धंधा कर रही महिलाओ के पुनर्वास पर किये जा रहे कार्यों और इनकी विफलता के कारणों की पड़ताल भी की .. सभ्य समाज का यह सबसे गन्दा…

कुंती रही होगी माँ पर कर्ण की माँ वह कब थी ? और सूरज ने कब निभाया, है पिता ? भोगना है कर्ण को प्रारब्ध , जो न उसने है किया जो न उसकी है खता ? यह आज का दस्तूर…

अगला चुनाव मोदी जी और भाजपा अगर हारती है तो भाजपा के आईटी सेल में बैठे जनता को गाली देने वाले धुरंधरों का निश्चित ही बहुत बड़ा योगदान होगा, जो हार को तो पचा नही पा रहे और सरकार की…

मेरे प्रकाशित काव्य संकलन “अनुगूँज संकलित प्रतिनिधि कविताएँ ” से यह विचारोत्तेजक और अबतक खूब सराही गयी कविता आपके लिए आज .. शीर्षक, ” राम पुत्र का आदर्श है पर पिता का आदर्श कौन ” ? पुत्र हो श्रीराम जैसा , हर…

मुझसे अब और बेइज्जती होते देखना सहन सीमा के मेरे पार जाने लगा था बस में चढ़े उस नौजवान की,तो मैंने जबरन महेंद्र बाबू को कहकर उसके हिस्से का किराया दे दिया और वापस अपनी सीट पर बैठ गया आकर…

कई बैकों के एक्जाम दिए, कठिन – कठिन, सेलेक्ट भी हुए पर ज्वाइन नही किये कभी .. अच्छा ही किये थे यार .. अब मालूम पड़ा सही रास्ता, थैंक्यू उर्जित पटेल दादा,आप इस्तीफा नही देते तो शक्तिकांत दद्दा नही चुनाते…

वही बने पसाकोलोजिया के पप्पा .. साल 1990 में दशहरे की छुट्टियों में कॉलेज बन्द होने के बाद लौट रहा था जहानाबाद से घर,एडमिशन के लिए गए थे और देशभर में मण्डल कमीशन पर जबरदस्त आंदोलनों के उस दौर में…

तीनो चुनावी राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को मिले अप्रत्याशित हार पर शोध करने पहुंचे महाराजा विक्रम जब वरगद के पेड़ पर लटके उस वैताल से मिले और उसे अपने कंधे पर लादकर ले जाने लगे तो…

रुह तक को भिंगोकर जो जीवन महका दे, ऐसे इश्क के अहसास से अभी तक अनजान है वह ! कभी तो एहसास होगा, क्या मिल गया था उसे.. यूँ ही अचानक उपहार में , उस बेवकूफ लड़की को ..! जिसे…

55 महीने तक मंत्री रहने के बाद अब श्री उपेंद्र कुशवाहा को यह दिव्य ज्ञान हुआ है कि सरकार अच्छा काम नही कर रही थी .. मोदी जी बिहार की उम्मीदों पर खरा नही उतरे .! राजनीति में ऐसे…

दुनिया भर के जख्म लिए आये, पहलू में उस के.. यह सोच के कि वो तो समंदर है .. अपने प्यार से , भर देगी दामन.! मगर नमक मला जख्मो पर , मेरे उसने .. मेरे लिए तो बस यही…

किसी को कहते सुना था कभी , . की जमीं से , कभी आसमां मिल नहीं सकता ! . क्षितिज को यही बात , बुरी लग गयी शायद ! – Vvk

किसी से भी हाथ मिलाते ही , उंगलियों के लहू का मिजाज उसके , बता देता है मुझे , उस के दिल का हाल ! इस तजुर्बे को मेरे , मेरे यारों , मेरे मुर्शिद की , मुझपर, बहुत बड़ी…

वादों के सिलसिले भी बड़े लम्बे चले थें, . माजी के पन्नों से झलकती है तेरी नजर उन मांद होते पत्तों पर, . जो शाख से रुखसत के खौफ में हीं बूढ़े होते चले गये.. . और जब इक दिन तुम…

ना रूठने के वास्ते, ना मनाने के वास्ते, चलो कोई गजल लिखें आज दिल को बहलाने के वास्ते.. . तुम रोते होगे की कोई छोड़ गया तुम्हें, की ख्याल रहे,लोग मिलतें हीं हैं बिछड़ जाने के वास्ते.. . मैंने सुना…

ये आज के समाज के बिद्रूप चेहरे का दूसरा रूप है जहाँ एक लालची और चरित्रहीन पिता अपने दूसरे नाबालिग और लालची पुत्र तथा अपनी पत्नी के साथ मिलकर वायुसेना में कार्यरत अपने ही पुत्र की हत्या कर देता है…

यह कौन है, जो वफ़ा के गीत आज भी गुनगुनाता है, कोई दीवाना है या पागल ? इसे मालूम नहीं सलीका, आज के दौर में मोहब्बत का !! – रंजन कुमार

यादों की चादर ओढ़े जब , तेरी गली से मेरा गुजर हुआ , महसूस हुआ इन राहों में , चाहत की खुशबू अब भी है ! मै जान गया ऐ नूर ए नजर , कुछ प्यार के वादे…

चेहरे परत दर परत, उघड़ते हुये चेहरे ! सौम्य मुखौटे लगाये, अपना सच छिपाते बनावटी चेहरे ! याद रखना हरएक चेहरे के पीछे छिपे हैं अनेक चेहरे ! किसको समझोगे , किस किसको जानोगे , एक चेहरे के साथ हैं अनगिनत…

जब शेषफल शून्य हो भाज्य,भाजक और भागफल पूर्ण और तंदरुस्त प्रतीत होते हैं ! लो …. शेषफल शून्य हो गया अब .. तुम अपनी तंदरुस्ती और पूर्णता का विज्ञापन , रिश्तों के गुणनफल मे चाहो तो बांट लो … मुझे…

जीवन मृत्यु और पुनर्जन्म एक रहस्य है जिसका आजतक कोई भी ठीक ठीक जवाब नहीं दे पाता क्या सच है क्या झूठ ! रोज नये सिद्धांत दिए जाते हैं इसपर और फिर उन सिद्धांतो के उपर कोई न कोई दूसरा…

स्नेही राम के हो तुम , राम तुम्हे प्यारे हैं , आकुल दरशन को तेरे , नैन ये हमारे हैं ! आजा अब तो प्यारे तेरे भक्त की पुकार है, अंजनी के लाल तुमसे विनती बारबार है !! – रंजन…

घर के बाहर ही नही घर के अंदर भी नजदीकी रिश्तेदारों के बीच भी बेटियां सुरक्षित नही हैं कब कहाँ से रावण बन प्रकट हो कहना मुश्किल है, काउंसलिंग ने मुझे यही अनुभव दिया है .. ये यौन विकृत मानसिकता वालों…