मालूम नहीं सलीका, आज के दौर में मोहब्बत का

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यह कौन है, जो वफ़ा के 
गीत आज भी गुनगुनाता है,
कोई दीवाना है या पागल ?

इसे मालूम नहीं सलीका,

आज के दौर में मोहब्बत का  !!

– रंजन कुमार