Hindi Poetry on Life : ये जिन्दगी भी ये क्या जिन्दगी है – Ranjan Kumar

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old man sad

ये जिन्दगी भी ये क्या जिन्दगी है,
जहाँ तोड़ती दम हर एक खुशी है !

बोझिल हवाएं कतरा के जाएँ,

अरमान बिखरे हुए दिल के टुकड़े,
फिर अंजुमन में खुशी क्या सजाएँ,
यहाँ हर कदम मौत ही हमनशी है !

ये जिन्दगी भी ये क्या जिन्दगी है,

जहाँ तोड़ती दम हर एक खुशी है !!

किसे हम सुनाएँ किसे सब बताएं ,

घुटन सी है छाई ये बादल की स्याही ,
करें याद किसको किसे याद आयें ,
यहाँ सच की कोई भी कीमत नहीं है !

ये जिन्दगी भी ये क्या जिन्दगी है,

जहाँ तोड़ती दम हर एक खुशी है !!

– रंजन कुमार