Hindi Poetry : मुझे लिहाज है मै मौन हूँ – Ranjan Kumar

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Man standing alone

मुझे लिहाज है 
मै मौन हूँ ,
और लोग हैं गुमान में !
नासमझ और मूर्ख जान 

सब लूट रहे हैं मुझे ,
मै लुट रहा हूँ जानकर
रिश्तों की मर्यादा रहे !

सोचता हूँ
कब तक ये निभ पायेगा …
जब सोच ही है अलहदा ,
मंजिलें ही हैं जुदा ?

और मौन तोड़ा मैंने गर ,
फिर कौन मुंह दिखायेगा
और कौन मुंह छिपाएगा ?

मुझे लिहाज है
मै मौन हूँ ,
और लोग हैं गुमान में !!

– रंजन कुमार