क्या भरोसा मैं ही मैं न रहूँ शायद

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alone anime boy

 
गुजरता हुआ ये हर लम्हा तो ,
फिर कभी भी 
लौट कर न आएगा ,
तू लौट भी आये अगर 
क्या भरोसा है फिर,
मैं ही मैं न रहूँ शायद !! 
– रंजन कुमार