Hindi poem on life : झूठ का वहम भी अच्छा है – Ranjan Kumar

depressed person

झूठ का वहम भी 
अच्छा है 
जिन्दगी को सुकून से 
जी लेने के लिए !

सत्य खोल देता है जब 
चेहरे के ऊपर का चेहरा 
और झाड़ पोंछ देता है 
परत दर परत जमी 
वक़्त की धूल ,

तब रूबरू होता है 
नंग धढंग नवजात बच्चे सा 
रिश्तों का सच ,
जिन्दगी का सच 
जो अक्सर तोड़ देता है !

सत्य का अन्वेषण 
सूरमा करते हैं ,
यह कायरों का काम नहीं , 

हौसला हो दिल दिमाग 
को सुन्न कर देनेवाली 
इस बर्फ की परत हटाने की 
तो आगे बढ़ो इस मार्ग में ,

अन्यथा 
झूठ का वहम भी 
अच्छा है 
जिन्दगी को सुकून से 
जी लेने के लिए !!

– रंजन कुमार

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