Hindi Poetry : रस्मी बातों में कुछ नहीं रखा – Ranjan Kumar

‘रस्मी बातों में कुछ नहीं रखा 
तू इनमे ये वक़्त बरबाद न कर ,
जो कहना हो कह दो ..’

दो पल हैं पास तेरे बस 

और दो ही पल हैं पास मेरे भी !

आवारा बादल का
एक टुकड़ा हूँ मैं भी और तू भी !


क्या पता रुख बदले
कब हवाओं का
अनकही और अनसुनी रह जाएँ..


ये दास्ताँ अधूरी सी और
हवाओं के संग फिर बिखर जाएँ
मैं भी और तू भी !!


– रंजन कुमार

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