Hindi poetry : तब समझ लेना ये संक्रमण काल है – Ranjan Kumar

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जब निकम्मों का हुक्म 
हुनर वालों को 
मानने पर 
विवश होना पड़े ,
जब मूर्खो का भाषण 
बुद्धिमानो को सुनना
लाचारी हो ,
और नालायक साबित
हो चुके लोग
लायकों को
नसीहत देने लगें,
तब समझ लेना
ये संक्रमण काल है ,
रब की मर्जी नहीं !
इसे खुद
ठीक करना होगा ….
फ़रिश्ते नहीं आयेंगे
ये दौर बदल देने को !!
– रंजन कुमार