लबों से अपने”इश्क है” कभी बताते भी नहीं:Hindi Poem By Ranjan Kumar

लबों से अपने”इश्क है” कभी बताते भी नहीं

वो अपनी उन खूबसूरत
महकती सी,बोलती हुई
बड़ी बड़ी आंखों में अपने ,
हमारे लिए निरंतर बहते
इश्क के गहरे समंदर को,
कभी छुपाते भी नहीं..,
और उनकी ये कातिल
जानलेवा अदा इश्क में,
वो खुल के हमसे,
कभी इश्क जताते भी नहीं…!
हमारी चाहत कि
वो आंखों में आंखे डाल,
करें इकरार ए मोहब्बत कभी
और वो कभी अपने लब खोलें,
अपने नाजुक लबों से,
इकरार ए इश्क में कुछ बोलें…,
मगर उनका इश्क में
ये जुल्म देखिए हमपर,
वो झांकते इश्क को
आंखों से अपने छुपाते भी नहीं
और लबों से अपने
“इश्क है” कभी बताते भी नहीं ..!!
❤️❤️❤️
रंजन कुमार 29 Oct 2023

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