तेरे रोने तड़पने का – तेरे कसमों वादों का कोई असर न होगा

alone girl in the woods

उस दिन सूरज
मेरे सिरहाने आ पुकारेगा 
और चाँद पायताने मुस्कुराएगा,

गोधूलि की पावन बेला मे 
चाँद और सूरज जब मिल रहे होंगे,
मैं तब विदा लूँगा तुमसे,
.
सूरज के साथ बहुत दूर निकल जाऊँगा,
तेरे लिए चाँद के उजाले 
और अपनी बेशुमार यादें छोड़ जाऊँगा !
.
अगली सुबह सूरज फिर आएगा 
पर मैं मौत की दुल्हन के आगोश मे
बस दूर से खिलखिलाउंगा …
तेरे रोने तड़पने का तेरे कसमों वादों का
मुझपर उस दिन कोई असर न होगा,

तुम चाहो तो उस दिन मुझे ,
जिंदगी भर की मेरी वफादारिओं का 
वास्ता दे देकर बेवफा कह लेना …!!

– रंजन कुमार

Ranjan Kumar
Ranjan Kumar

Founder and CEO of AR Group Of Institutions. Editor – in – Chief of Pallav Sahitya Prasar Kendra and AR Web News Portal.

Motivational Speaker & Healing Counsellor ( Saved more than 120 lives, who lost their faith in life after a suicide attempt ).

Author, Poet, Editor & freelance writer. Published Books :

a ) Anugunj – Sanklit Pratinidhi Kavitayen

b ) Ek Aasmaan Mera Bhi

Having depth knowledge of the Indian Constitution and Indian Democracy.

For his passion, present research work continued on Re-birth & Regression therapy ( Punar-Janam ki jatil Sankalpanayen aur Manovigyan ).

Passionate Astrologer – limited Work but famous for accurate predictions.

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