पसाकोलोजि भौजी का अपनी भौजी से संवाद

हमारी बहुते संस्कारी #पसाकोलोजि_भौजी ने अपने भौजी को फोन किया ..कामवाली बाई सुबह सुबह अंग्रेजी में बोल गयी तो हमारी पसाकोलोजी भउजी को कुछ पल्ले ही नहीं पड़ा..
पूरी बातचीत का अंश ये रहा..

Psakology Bhauji

पसाकोलोजि_भौजी ने अपनी भौजी को फोन किया..

“”हेल्लो डियरररर शियरररर हरियररररर पियरररररर
काम वाली आज पटर पटर अंग्रेजी बोल गयी
कान के मेरे नियर ..
व्हाट्सएप्प से भेज रही हूँ रिकॉर्डिंग डियरररर …
तुम तो जानती हो भौजी अंग्रेजी से है हमको शुरू से फीयरररररर …
जल्दी से हिन्दी अर्थ समझाओ तो भौजी डियररररर..
रोमांटिक देवर भी हमारे आजकल नही करते हमारी कोई भी केयररररर ..
इसलिए परेशान है मन,उदास है दिल हमारा ,
और बुढ़ऊ भतार को तो टाइम ही नही है हमारे लिए माय डियररर
जल्दी से हिन्दी समझाओ सुनके मुझे डियररररर
नहीं तो कामवाली बाइ के सामने निकल जाएगा
मेरी इज्जत का पूरा ही कचुमररररर ..
सत्तर पर्सेंट से पसाकोलोजि मे आखिर हम एमए है न
डियरररर ..अग्रेजी से लेकिन हो जाता है फीवरररर..
अब टाइम होय रहा भउजी डियर,,हायर सोसायटी में अब हम आ गए हैं तो यहाँ का रिवाज निभाना है, एक बोतल गटकेंगी हम पौवा संगे खांटी बीयररर””

क्रमशः जारी
उपन्यास #पसाकोलोजि_भौजी से संकलित

रंजन कुमार 

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