चार्वाक का यह दर्शनशास्त्र बदल दीजिए ऐसे : बुरा न मानो होली है !

0

जबतक जिओ तबतक जिओ,कर्जा लो और घी पियो..चार्वाक का यह दर्शनशास्त्र बदल दीजिए ऐसे.. बैंक से खूब लोन लो और विदेश में जाके शान से जिओ !

कुछ नहीं होता यार,डरते क्यों हो…विजय माल्या नीरव मोदी का आजतक कुछ हुआ क्या ?

सब मजे में हैं गुरु..! देख लो इन मुस्टंडों को ..! जो सरकार हाँका मारकर आयी थी कि बरसों का जमा काला धन लेकर आयेंगे उसी सरकार के सामने छाती ठोककर बैंकों से सफेद धन ले उड़े ! कोई बाल बाँका न कर सका इनका आजतक ..!

अच्छे दिन तो इनके आए हाँ ,कसम से !

टेंशन में तो वह हैं आजकल जिनके पैसे जमा हैं बैंकों में…हर थोड़े थोड़े  दिन में लाइन में लगे मिलते हैं कपार का अपना पसीना पोछते हुए…लोन लेकर भागने वाले सब मजे में हैं गुरु ..!!

तो अब बैंक में पैसे डालो मत,,जुगाड़ खोजकर बस लोन निकालो…!!

बुरा न मानो होली है …!!

रंजन कुमार