Hindi Poetry : सब नाकामिओं का मूल

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Anugung book by Ranjan Kumar
वक़्त के ऊपर मत फोड़ो,
अपनी नाकामिओं के 
ये पुलिन्दे सब !

वक़्त पर निर्णय न लेने की 
अकर्मण्यता ,
सब नाकामिओं का मूल है !!

– रंजन कुमार