Hindi Poetry : वाह जिंदगी, एक जख्म भरा नहीं !

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sad old man
वाह जिंदगी
तेरे भी मैंने
क्या खूब
रंग देखे हैं
.
एक जख्म
भरा नहीं,
की तू दूसरे
के साथ तैयार
खड़ी होती है!
 
– Vvk