दिशाहीन हो गयी बीजेपी

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BJP

दिशाहीन हो गयी बीजेपी,आधे अधूरे वादों के बीच गलत फैसलों के कारण हो रही फजीहत से उबरने की कोशिश करते हुए किसी भी तरह अब केवल 19 के चुनाव जीतना लक्ष्य रह गया है इस सरकार का ..!

यह दुखद परिदृश्य है कि एक प्रचंड बहुमत की सरकार आज 5 साल के शासन के बाद खुद को इस दशा में खडी पा रही है जिसे इतना जन समर्थन मिला था ! उम्मीदों के आसमान पर बिठाया था लोगों ने प्रधानमन्त्री मोदी जी को ,मगर अपनी राह से बीजेपी ऐसी भटकी नोटबंदी के बाद जिससे उबरना मुश्किल होता चला गया !

नोटबंदी से देश को हासिल नही हुआ वह सब जिसके सपने दिखाए गये ,बल्कि विपरीत परिणाम यह हुआ की हमारी विकासशील अर्थव्यवस्था एकतरह से चौपट ही हो गयी और मंदी में घिर गयी ! रियल स्टेट तो पूरी तरह ही तबाह हो गया तो वहीं करोड़ो कामगार इस मंदी की चपेट में आये और छोटे उद्यमी और कारोबारी उससे हुए नुकसान से अभी तक उबर नहीं पाए !

अब जबकि अधिकतर बड़े वादे इस सरकार के सिर्फ जुमले ही साबित हुए और सब धूल धुसरित वादे खुद सरकार को ही मुंह चिढा रहे हैं तब जाता हुआ साल और दिसंबर दे गया एक असहनीय दर्द बीजेपी को ..तीन चुनावी राज्यों से बीजेपी सरकारों की विदाई ..जनाक्रोश SC/ST एक्ट का ..!

मोदी लहर का यूँ खत्म होना बीजेपी को हजम नहीं होगा .. एक तरंग और उमंग जो मोदी जी के नाम पर थी 14 में अब वह कहीं नही है इसे स्वीकारने में भी बीजेपी को अभी बहुत वक्त लगेगा और तबतक चुनाव परिणाम भी 19 के आ जायेंगे ! मुश्किल वक्त है अभी बीजेपी के लिए और केंद्र की मोदी सरकार हडबड़ाहट में है अब, और यह देखना दिलचस्प है आचार संहिता लगने से पहले बचे दो महीनों में क्या क्या फैसले करती है ..!

बीजेपी पुनः सत्ता में लौटेगी जरुर मगर बीजेपी को अब बहुमत नही मिलनेवाला.. सहयोगिओं के भरोसे वैशाखी पर चलेगी अगली बीजेपी सरकार यह मेरा आकलन है, शेष वक्त बतायेगा! जाना था जापान पहुंच गये चीन समझ गये ना.. यह फ़िल्मी गाना इस सरकार की नीति नीयत और मंजिल की कहानी का शायद बेहतरीन दृष्टान्त है.. फिलहाल गाना सुनिए यह खोजकर और सरकार के शेष फैसलों पर ताली बजाइए अभी.. अप्रैल मई में वोट के लिए इवीएम के वटन भी दबाने हैं !!

– रंजन कुमार