आँधियाँ बुझा गयीं, चराग जो ..

आँधियाँ बुझा गयीं , चराग जो .. अफसोस…

आँधियाँ बुझा गयीं , चराग जो .. अफसोस…

अस्तित्व नहीं कुछ भी , बहारों का, नजारों का…

क्या रास्ता है, रहगुजर क्या , पूछ लूँ रब…

कभी न घबराना तुम गम के जंगल में ,…

मेरे हालात सुलझाने में मुसीबत में घिर मत जाना…

सख्त खामोशिओं के पहरे में देखो आसमाँ गुनगुनाता है…

महान धनुर्धर अर्जुन जब कुरुक्षेत्र के मैदान में,…

वो हमीं से पूछते हैं , मोहब्बत कितनी करता…

कई एनजीओ के साथ मिलकर रेडलाइट एरिया मे देह…