मैं मेरा मित्र कर्ण और फादर्स डे

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father's day

मैंने कुछ लिखने के लिए जैसे ही लैपटॉप खोला मेरे विचारों पर मेरे प्रिय मित्र कर्ण ने कब्ज़ा कर लिया…कहने लगा आज फिर मुझपर कुछ लिखो !

मैंने कर्ण से पूछ लिया आज पितृ दिवस है ….. मतलब की फादर्स डे ! क्या आपने अपने पिता को विश किया सभी कर रहे हैं फेसबुक और ट्विटर पर !

कर्ण ने तुरंत पूछा पलटकर मुझसे… अर्जुन ने कर दिया क्या ?

मैंने फिर कहा अर्जुन की पोस्ट तो मैं बाद में देखूँगा और आपको खबर करूँगा,पहले आप तो कर दीजिये !

उन्होंने मुझे अधिकृत कर दिया उनके जैविक पिता को फादर्स डे विश करने हेतू कुछ पोस्ट कर देने के लिए ……और फिर कहा अर्जुन की पोस्ट क्या थी कैसी थी रात को बताना मुझे और यह भी बताना कि अर्जुन ने किसे विश किया है फादर्स डे.. पाण्डु को किया है या इंद्र को ..या दोनों ही को यह भी पता करके रखना….

और वह चल दिए अपने पालनकर्ता पिता को फादर्स डे की शुभकामनायें देने ….

अब अर्जुन की पोस्ट देखूं फादर्स डे पर …उसके पहले जब कर्ण के जैविक पिता सूर्य को फादर डे की शुभकामनाएं देने गया तो सूर्य अभी शरमा के बादलों मे जा छिपा है बेमौसम की बरसात अक्सर फादर्स डे को हो जाया करती है अगर आपने गौर किया हो साल दर साल…!!

– रंजन कुमार

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Founder and CEO of AR Group Of Institutions. Editor - in - Chief of Pallav Sahitya Prasar Kendra and AR Web News Portal. Motivational Speaker & Healing Counsellor ( Saved more than 100 lives, who lost their faith in life after suicide attempt ). Author , Poet , Editor & freelance writer. Published Books : a ) Anugunj - Sanklit Pratinidhi Kavitayen b ) Ek Aasmaan Mera Bhi Having depth knowledge of Indian Constitution and Indian Democracy. For his passion, present research work continued on Re-birth & Regression therapy ( Punar-janam ki jatil Sankalpanayen aur Manovigyan ). Passionate Astrologer - limited Work but famous for accurate predictions.