एक सच्ची बात बताऊं तुम्हें पाखंडी सिर्फ और सिर्फ एक पाखंडी होता है – Ranjan Kumar

एक सच्ची बात बताऊं तुम्हें, पाखंडी सिर्फ और सिर्फ एक पाखंडी होता है…! न इससे एक अक्षर कम न ही …

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मैं केवल शरीर नहीं हूँ नाद हूँ आत्मा का और हस्ताक्षर हूँ काल का-Ranjan Kumar

मैं केवल शरीर नहीं हूँ, मैं बुलंद स्वर हूँ, परमात्मा का, नाद हूँ आत्मा का, और हस्ताक्षर हूँ काल का.. …

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भीष्म की दृष्टि पा लेना फिर पहचान नहीं मुश्किल है कौन शिखंडी

बाधाओ से लड़ना ही इतिहास है मेरा सूरज से गलबहियां करते बड़ा हुआ हूँ, दीपक की थर्राती लौ तुम मुझे …

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