Hindi poetry on death : एक सन्नाटा है मौत, बस जोरदार सन्नाटा – Ranjan Kumar

मौत दर्द नहीं है कोई पीड़ा भी नहीं है , एक सन्नाटा है मौत बस जोरदार सन्नाटा .. जो धीरे से उतरता …

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Hindi Poetry on life and death : ओ कवि तुम मृत्यु को भी उतनी ही तल्लीनता से गुनगुनाओ अब तो – Ranjan Kumar

life and death

सिर्फ जीवन को ही नहीं तुम मृत्यु को भी उतनी ही तल्लीनता से गुनगुनाओ अब तो … वरना शब्दों के …

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